hi_tn/mat/12/42.md

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यीशु फरीसियों तथा शास्त्रियों को झिड़कता है क्योंकि उन्होंने उससे चिन्ह माँगा।

दक्षिण की रानी इस युग के लोगों के साथ उठकर उन्हें दोषी ठहरायेगी।

वैकल्पिक अनुवादः "दक्षिण की रानी इस पीढ़ी को दोष देगी ... और परमेश्वर उसका दोषारोपण सुनकर तुम्हें दण्ड देगा"। या "परमेश्वर दक्षिण की रानी ... और उस पीढ़ी दोनों को पाप का दण्ड देगा परन्तु क्योंकि उसने सुलैमान के वचन सुने और तुमने मेरे वचन नहीं सुने, वह केवल तुम्हें दण्ड देगा"।

दक्षिण की रानी

वह शीबा की रानी थी, अन्य जाति राज्य की

पृथ्वी के छोर से आई

"वह बहुत दूर से आई थी" (देखें ))

इस समय के लोगों

वे लोग जो यीशु के सेवाकाल के समय थे

से भी बड़ा

"कोई अधिक महत्त्वपूर्ण"