hi_1ch_tn/11/18.txt

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[
{
"title": "वे तीनों जन",
"body": "“3 शक्‍तिशालीपुरुष”।"
},
{
"title": "बैतलहम के कुएँ, फाटक के कुएँ से",
"body": "इन दोनों वाक्‍यांशों में सामान कुएँ को दरशाता है। दूसरा कुएँ बैतकहम को दरशाता है।"
},
{
"title": "मुझसे ऐसा करना दूर रखे, परमेश्‍वर, मैं इन का लहू पीऊँ",
"body": "“परमेश्‍वर, कृपया मुझे इस कीमत के बलिदान पीने के लिए मत कहना"
},
{
"title": "क्या मैं इन मनुष्यों का लहू पीऊँ जिन्होंने अपने प्राणों पर खेला है? ",
"body": "दाऊद एस सवाल के साथ कहता है कि पानी उन लोगों द्वारा दिए गए बलिदानों के कारण कीमती है जैसे कि “मै ऐसा पानी नहीं पीऊँगा जिसके लिए पुरुषों ने अपनी जान जोखिम में ड़ाली हो”।"
}
]