From c99d4bfe25cba515550f25f1a20bee6f9d62a7a8 Mon Sep 17 00:00:00 2001 From: Vachaa Date: Tue, 12 Nov 2024 15:18:11 +0530 Subject: [PATCH] Tue Nov 12 2024 15:18:11 GMT+0530 (India Standard Time) --- 06/12.txt | 1 + manifest.json | 3 ++- 2 files changed, 3 insertions(+), 1 deletion(-) create mode 100644 06/12.txt diff --git a/06/12.txt b/06/12.txt new file mode 100644 index 0000000..f76326f --- /dev/null +++ b/06/12.txt @@ -0,0 +1 @@ +\v 12 इसलिए पाप तुम्हारे नाशवान शरीर में राज्य न करे, कि तुम उसकी लालसाओं के अधीन रहो। \v 13 और न अपने अंगों को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आपको मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमेश्‍वर को सौंपो, और अपने अंगों को धार्मिकता के हथियार होने के लिये परमेश्‍वर को सौंपो। \v 14 तब तुम पर पाप की प्रभुता न होगी, क्योंकि तुम व्यवस्था के अधीन नहीं वरन् अनुग्रह के अधीन हो। \ No newline at end of file diff --git a/manifest.json b/manifest.json index 60bb31b..eddb5ec 100644 --- a/manifest.json +++ b/manifest.json @@ -109,6 +109,7 @@ "06-04", "06-06", "06-08", - "06-10" + "06-10", + "06-12" ] } \ No newline at end of file